अमरकंटक में IFWJ का 144वां अधिवेशन, पत्रकार एकता का ऐतिहासिक शंखनाद

अमरकंटक में गूंजा “पत्रकार एकता का शंखनाद”, IFWJ का 144वां राष्ट्रीय अधिवेशन बना ऐतिहासिक मील का पत्थर।

अमरकंटक में IFWJ का 144वां अधिवेशन, पत्रकार एकता का ऐतिहासिक शंखनाद।

देशभर से 350 पत्रकारों की सहभागिता, हक़ और सुरक्षा के मुद्दों पर जोर।

पत्रकार सुरक्षा कानून और मीडिया काउंसिल गठन पर अहम प्रस्ताव पारित।

रिपोर्ट-मौ. गुलबहार गौरी
अमरकंटक (मध्यप्रदेश)।30 मार्च 26- माँ नर्मदा के पावन उद्गम स्थल अमरकंटक की रूहानी सरज़मीं पर पत्रकारिता के इतिहास का एक सुनहरा अध्याय उस वक़्त लिखा गया, जब इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (IFWJ) का 144वां राष्ट्रीय कार्यसमिति अधिवेशन बड़े ही अदब, एहतराम और जोशो-ख़रोश के साथ “कल्याण सेवा आश्रम” के सभागार में आयोजित हुआ। इस भव्य आयोजन में देशभर से आए लगभग 350 पत्रकारों ने शिरकत कर पत्रकार एकता, अधिकार और सम्मान की एक मजबूत मिसाल पेश की।

तीन दिवसीय इस ऐतिहासिक अधिवेशन का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन, वैदिक मंत्रोच्चारण और शंखनाद के साथ हुआ। जैसे ही शंखध्वनि की गूंज फिज़ाओं में फैली, “पत्रकार एकता जिंदाबाद” और “भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ जिंदाबाद” जैसे नारों ने पूरे अमरकंटक को गुंजायमान कर दिया। यह दृश्य पत्रकार बिरादरी की एकजुटता और उनके मजबूत इरादों का प्रतीक बन गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पुष्पराजगढ़ विधायक फूंदेलाल सिंह मार्को उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथियों में कल्याण सेवा आश्रम के प्रमुख हिमाद्री मुनि, नगर परिषद अमरकंटक की अध्यक्ष पार्वती सिंह तथा भाजपा जिला अध्यक्ष अनूपपुर हीरा सिंह श्याम सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत शॉल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ, पटका और स्मृति चिह्न भेंट कर भारतीय परंपरा के अनुसार किया गया।

इस अवसर पर विधायक फूंदेलाल सिंह मार्को ने पत्रकारों की सुरक्षा, आजीविका और स्वास्थ्य सुविधाओं के मुद्दों को गंभीर बताते हुए पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग का समर्थन किया और आश्वासन दिया कि इन मांगों को प्रदेश के मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा।

IFWJ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवधेश भार्गव ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में संगठन की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि महासंघ लगातार पत्रकारों के अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्षरत है। उन्होंने मीडिया काउंसिल के गठन, पत्रकार सुरक्षा कानून को सख्त बनाने, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और पेंशन व्यवस्था को सरल बनाने जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे, जिन्हें सदन ने सर्वसम्मति से पारित किया।

मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष उपेंद्र गौतम ने संगठन के तेजी से विस्तार पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रदेश में पत्रकारों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए संगठन पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1950 में स्थापित यह संगठन देश का पहला पंजीकृत ट्रेड यूनियन पत्रकार संगठन है।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहम्मद गुलबहार गौरी (उत्तराखंड) ने अपने जोशीले संबोधन में पत्रकारों की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि पत्रकारों पर हमले को सख्त गैर-जमानती धाराओं में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि सच की आवाज़ को दबाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

इस गरिमामयी मंच पर राष्ट्रीय महासचिव इरशाद खान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एस.एन. श्याम (बिहार), अध्यक्ष अनमोल कुमार (बिहार), नीतेश भालवंकर (महाराष्ट्र), भारत वेद केकर (गोवा), दीपक तलवारे (महाराष्ट्र), सुलोचना पयाल (उत्तराखंड), स्वामी जगदीशानंद जी, विनोद कारके जी, राहुल सिंह राणा, अरविंद द्विवेदी सहित अनेक वक्ताओं ने अपने विचार रखे और संगठन को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के आयोजन प्रभारी एवं संयोजक राहुल सिंह राणा ने स्वागत भाषण देते हुए देशभर से आए पत्रकारों और अतिथियों का अभिनंदन किया तथा आयोजन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। मंच संचालन श्याम दास मानिकपुरी ने किया। आयोजन को सफल बनाने में अनिल द्विवेदी, गोपाल दास बंसल, कमलेश श्रीवास्तव, मनोज सिंह, राम बाबू चौबे, श्रवण कुमार उपाध्याय, लुकमान अली, जुनैद खान, संभागीय अध्यक्ष विजय उरमलिया, शहडोल जिला अध्यक्ष शैलेन्द्र तिवारी, अनुपपुर जिला अध्यक्ष राजनारायण द्विवेदी, अनिल तिवारी, विजय गुप्ता (ब्यौहारी), शमीम खान (धनपुरी), महासचिव अजय पाल, अखिलेश मिश्रा, नरेश वर्मा, सगीर खान, गणेश केवट, जितेंद्र विश्वकर्मा, दीपक केवट, अजय केवट, छोटे लाल गुप्ता, राजन त्रिपाठी, गोपाल जेठानी, सतेंद्र सोनी, स्वप्निल जैन, सुनीता सिंह, विजय सिंह (धनपुरी), रोहित वर्मा, शिवम कुशवाहा और उनकी टीम का विशेष योगदान रहा।

देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों में पी. रामकृष्णन (आंध्रप्रदेश), रमेश गांधी (राजस्थान), दिलीप शाह (राजस्थान), श्याम नाथ (बिहार), गिरजाशंकर (उत्तरप्रदेश), सुनील थपलियाल (उत्तराखंड), भरत जी (गोवा), चन्द्रहास दमोलकर (गोवा), गिरिराज बंजरिया (आगर मालवा), राजेन्द्र जोशी (मनासा), हितेश मावलंकर (मुंबई), भगवान भारद्वाज (दिल्ली), अब्दुल शकूर (आंध्रप्रदेश), अभिषेक जैन और कृष्णानंद शास्त्री सहित अनेक अतिथियों का सम्मान किया गया।

अधिवेशन का एक भावुक क्षण उस समय आया, जब उत्तराखंड से आए मोहम्मद गुलबहार गौरी, सुनील थपलियाल, सुलोचना पयाल, उपेंद्र असवाल, भगवती रतूड़ी और आशा रोथान ने गंगोत्री का पवित्र जल भेंट किया, जबकि डॉ. रामकिशोर दयाराम पवार ने ताप्ती नदी का जल अर्पित किया। नर्मदा, गंगा और ताप्ती के जल का यह संगम “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को साकार करता नजर आया।

अधिवेशन के दौरान शहडोल से अमरकंटक तक भव्य वाहन रैली निकाली गई, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष अवधेश भार्गव और प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र गौतम का भव्य स्वागत किया गया। बुढ़ार, धनपुरी, अमलाई, बरगवां और राजेंद्रग्राम में पत्रकारों और स्थानीय नागरिकों ने पुष्पवर्षा, आतिशबाजी और मालाओं से स्वागत कर ऐतिहासिक माहौल बना दिया।

अमरकंटक में आयोजित यह राष्ट्रीय अधिवेशन न केवल पत्रकारों की एकता और शक्ति का प्रतीक बना, बल्कि उनके अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान की लड़ाई को नई दिशा देने वाला साबित हुआ। यहाँ से उठा “पत्रकार एकता का शंखनाद” अब पूरे देश में गूंजने को तैयार है, जो आने वाले समय में पत्रकारिता को नई सोच, नई ताकत और नई पहचान देगा।

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