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	<title>Indian Federation of Working Journalist, Author at Indian Federation of Working Journalist.</title>
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	<title>Indian Federation of Working Journalist, Author at Indian Federation of Working Journalist.</title>
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		<title>अमरकंटक में IFWJ का 144वां अधिवेशन, पत्रकार एकता का ऐतिहासिक शंखनाद</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Indian Federation of Working Journalist]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 17:02:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[अमरकंटक]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>अमरकंटक में गूंजा “पत्रकार एकता का शंखनाद”, IFWJ का 144वां राष्ट्रीय अधिवेशन बना ऐतिहासिक मील का पत्थर। अमरकंटक में IFWJ का 144वां अधिवेशन, पत्रकार एकता का ऐतिहासिक शंखनाद। देशभर से 350 पत्रकारों की सहभागिता, हक़ और सुरक्षा के मुद्दों पर जोर। पत्रकार सुरक्षा कानून और मीडिया काउंसिल गठन पर अहम प्रस्ताव पारित। रिपोर्ट-मौ. गुलबहार गौरी अमरकंटक (मध्यप्रदेश)।30 मार्च 26- माँ &#8230; </p>
<p>The post <a href="https://indianfederationofworkingjournalists.org/2026/04/10/%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-ifwj-%e0%a4%95%e0%a4%be-144%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%82-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a5%87/">अमरकंटक में IFWJ का 144वां अधिवेशन, पत्रकार एकता का ऐतिहासिक शंखनाद</a> appeared first on <a href="https://indianfederationofworkingjournalists.org">Indian Federation of Working Journalist.</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h1><span style="color: #ff0000;">अमरकंटक में गूंजा “पत्रकार एकता का शंखनाद”, IFWJ का 144वां राष्ट्रीय अधिवेशन बना ऐतिहासिक मील का पत्थर।</span></h1>
<h1><span style="color: #0000ff;">अमरकंटक में IFWJ का 144वां अधिवेशन, पत्रकार एकता का ऐतिहासिक शंखनाद।</span></h1>
<h1><span style="color: #000000;">देशभर से 350 पत्रकारों की सहभागिता, हक़ और सुरक्षा के मुद्दों पर जोर।</span></h1>
<h1><span style="color: #ff00ff;">पत्रकार सुरक्षा कानून और मीडिया काउंसिल गठन पर अहम प्रस्ताव पारित।</span></h1>
<h3>रिपोर्ट-मौ. गुलबहार गौरी<br />
अमरकंटक (मध्यप्रदेश)।30 मार्च 26- माँ नर्मदा के पावन उद्गम स्थल अमरकंटक की रूहानी सरज़मीं पर पत्रकारिता के इतिहास का एक सुनहरा अध्याय उस वक़्त लिखा गया, जब इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (IFWJ) का 144वां राष्ट्रीय कार्यसमिति अधिवेशन बड़े ही अदब, एहतराम और जोशो-ख़रोश के साथ “कल्याण सेवा आश्रम” के सभागार में आयोजित हुआ। इस भव्य आयोजन में देशभर से आए लगभग 350 पत्रकारों ने शिरकत कर पत्रकार एकता, अधिकार और सम्मान की एक मजबूत मिसाल पेश की।</h3>
<h3>तीन दिवसीय इस ऐतिहासिक अधिवेशन का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन, वैदिक मंत्रोच्चारण और शंखनाद के साथ हुआ। जैसे ही शंखध्वनि की गूंज फिज़ाओं में फैली, “पत्रकार एकता जिंदाबाद” और “भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ जिंदाबाद” जैसे नारों ने पूरे अमरकंटक को गुंजायमान कर दिया। यह दृश्य पत्रकार बिरादरी की एकजुटता और उनके मजबूत इरादों का प्रतीक बन गया।</h3>
<h3>कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पुष्पराजगढ़ विधायक फूंदेलाल सिंह मार्को उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथियों में कल्याण सेवा आश्रम के प्रमुख हिमाद्री मुनि, नगर परिषद अमरकंटक की अध्यक्ष पार्वती सिंह तथा भाजपा जिला अध्यक्ष अनूपपुर हीरा सिंह श्याम सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत शॉल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ, पटका और स्मृति चिह्न भेंट कर भारतीय परंपरा के अनुसार किया गया।</h3>
<h3>इस अवसर पर विधायक फूंदेलाल सिंह मार्को ने पत्रकारों की सुरक्षा, आजीविका और स्वास्थ्य सुविधाओं के मुद्दों को गंभीर बताते हुए पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग का समर्थन किया और आश्वासन दिया कि इन मांगों को प्रदेश के मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा।</h3>
<h3>IFWJ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवधेश भार्गव ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में संगठन की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि महासंघ लगातार पत्रकारों के अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्षरत है। उन्होंने मीडिया काउंसिल के गठन, पत्रकार सुरक्षा कानून को सख्त बनाने, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और पेंशन व्यवस्था को सरल बनाने जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे, जिन्हें सदन ने सर्वसम्मति से पारित किया।</h3>
<h3>मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष उपेंद्र गौतम ने संगठन के तेजी से विस्तार पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रदेश में पत्रकारों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए संगठन पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1950 में स्थापित यह संगठन देश का पहला पंजीकृत ट्रेड यूनियन पत्रकार संगठन है।</h3>
<h3>राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहम्मद गुलबहार गौरी (उत्तराखंड) ने अपने जोशीले संबोधन में पत्रकारों की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि पत्रकारों पर हमले को सख्त गैर-जमानती धाराओं में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि सच की आवाज़ को दबाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।</h3>
<h3>इस गरिमामयी मंच पर राष्ट्रीय महासचिव इरशाद खान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एस.एन. श्याम (बिहार), अध्यक्ष अनमोल कुमार (बिहार), नीतेश भालवंकर (महाराष्ट्र), भारत वेद केकर (गोवा), दीपक तलवारे (महाराष्ट्र), सुलोचना पयाल (उत्तराखंड), स्वामी जगदीशानंद जी, विनोद कारके जी, राहुल सिंह राणा, अरविंद द्विवेदी सहित अनेक वक्ताओं ने अपने विचार रखे और संगठन को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया।</h3>
<h3>कार्यक्रम के आयोजन प्रभारी एवं संयोजक राहुल सिंह राणा ने स्वागत भाषण देते हुए देशभर से आए पत्रकारों और अतिथियों का अभिनंदन किया तथा आयोजन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। मंच संचालन श्याम दास मानिकपुरी ने किया। आयोजन को सफल बनाने में अनिल द्विवेदी, गोपाल दास बंसल, कमलेश श्रीवास्तव, मनोज सिंह, राम बाबू चौबे, श्रवण कुमार उपाध्याय, लुकमान अली, जुनैद खान, संभागीय अध्यक्ष विजय उरमलिया, शहडोल जिला अध्यक्ष शैलेन्द्र तिवारी, अनुपपुर जिला अध्यक्ष राजनारायण द्विवेदी, अनिल तिवारी, विजय गुप्ता (ब्यौहारी), शमीम खान (धनपुरी), महासचिव अजय पाल, अखिलेश मिश्रा, नरेश वर्मा, सगीर खान, गणेश केवट, जितेंद्र विश्वकर्मा, दीपक केवट, अजय केवट, छोटे लाल गुप्ता, राजन त्रिपाठी, गोपाल जेठानी, सतेंद्र सोनी, स्वप्निल जैन, सुनीता सिंह, विजय सिंह (धनपुरी), रोहित वर्मा, शिवम कुशवाहा और उनकी टीम का विशेष योगदान रहा।</h3>
<h3>देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों में पी. रामकृष्णन (आंध्रप्रदेश), रमेश गांधी (राजस्थान), दिलीप शाह (राजस्थान), श्याम नाथ (बिहार), गिरजाशंकर (उत्तरप्रदेश), सुनील थपलियाल (उत्तराखंड), भरत जी (गोवा), चन्द्रहास दमोलकर (गोवा), गिरिराज बंजरिया (आगर मालवा), राजेन्द्र जोशी (मनासा), हितेश मावलंकर (मुंबई), भगवान भारद्वाज (दिल्ली), अब्दुल शकूर (आंध्रप्रदेश), अभिषेक जैन और कृष्णानंद शास्त्री सहित अनेक अतिथियों का सम्मान किया गया।</h3>
<h3>अधिवेशन का एक भावुक क्षण उस समय आया, जब उत्तराखंड से आए मोहम्मद गुलबहार गौरी, सुनील थपलियाल, सुलोचना पयाल, उपेंद्र असवाल, भगवती रतूड़ी और आशा रोथान ने गंगोत्री का पवित्र जल भेंट किया, जबकि डॉ. रामकिशोर दयाराम पवार ने ताप्ती नदी का जल अर्पित किया। नर्मदा, गंगा और ताप्ती के जल का यह संगम “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को साकार करता नजर आया।</h3>
<h3>अधिवेशन के दौरान शहडोल से अमरकंटक तक भव्य वाहन रैली निकाली गई, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष अवधेश भार्गव और प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र गौतम का भव्य स्वागत किया गया। बुढ़ार, धनपुरी, अमलाई, बरगवां और राजेंद्रग्राम में पत्रकारों और स्थानीय नागरिकों ने पुष्पवर्षा, आतिशबाजी और मालाओं से स्वागत कर ऐतिहासिक माहौल बना दिया।</h3>
<h3>अमरकंटक में आयोजित यह राष्ट्रीय अधिवेशन न केवल पत्रकारों की एकता और शक्ति का प्रतीक बना, बल्कि उनके अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान की लड़ाई को नई दिशा देने वाला साबित हुआ। यहाँ से उठा “पत्रकार एकता का शंखनाद” अब पूरे देश में गूंजने को तैयार है, जो आने वाले समय में पत्रकारिता को नई सोच, नई ताकत और नई पहचान देगा।</h3>
<p>The post <a href="https://indianfederationofworkingjournalists.org/2026/04/10/%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-ifwj-%e0%a4%95%e0%a4%be-144%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%82-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a5%87/">अमरकंटक में IFWJ का 144वां अधिवेशन, पत्रकार एकता का ऐतिहासिक शंखनाद</a> appeared first on <a href="https://indianfederationofworkingjournalists.org">Indian Federation of Working Journalist.</a>.</p>
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		<title>अमरकंटक में IFWJ की 144वीं राष्ट्रीय बैठक, देशभर के पत्रकार होंगे शामिल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Indian Federation of Working Journalist]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 17 Mar 2026 21:49:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[नई दिल्ली]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>अमरकंटक में जुटेंगे देशभर के पत्रकार, IFWJ की 144वीं राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक 27–29 मार्च को पत्रकार हितों पर मंथन: मीडिया काउंसिल, सुरक्षा कानून व शैक्षणिक योग्यता समेत अहम प्रस्ताव एजेंडे में रिपोर्ट-मौ. गुलबहार गौरी 17मार्च 26 नई दिल्ली-मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के पवित्र स्थल अमरकंटक में, जहाँ माँ नर्मदा का उद्गम होता है, आगामी 27, 28 और 29 मार्च &#8230; </p>
<p>The post <a href="https://indianfederationofworkingjournalists.org/2026/03/17/%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-ifwj-%e0%a4%95%e0%a5%80-144%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f/">अमरकंटक में IFWJ की 144वीं राष्ट्रीय बैठक, देशभर के पत्रकार होंगे शामिल</a> appeared first on <a href="https://indianfederationofworkingjournalists.org">Indian Federation of Working Journalist.</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h1><span style="color: #ff0000;">अमरकंटक में जुटेंगे देशभर के पत्रकार, IFWJ की 144वीं राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक 27–29 मार्च को</span></h1>
<h1><span style="color: #0000ff;">पत्रकार हितों पर मंथन: मीडिया काउंसिल, सुरक्षा कानून व शैक्षणिक योग्यता समेत अहम प्रस्ताव एजेंडे में</span></h1>
<h2>रिपोर्ट-मौ. गुलबहार गौरी</h2>
<h2>17मार्च 26 नई दिल्ली-मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के पवित्र स्थल अमरकंटक में, जहाँ माँ नर्मदा का उद्गम होता है, आगामी 27, 28 और 29 मार्च 2026 को इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (IFWJ) की 144वीं राष्ट्रीय वर्किंग कमेटी बैठक आयोजित की जाएगी। “कल्याण सेवा आश्रम” में होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में देशभर से सैकड़ों पत्रकारों के शामिल होने की उम्मीद है। पत्रकार हितों से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा और कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए जाने की तैयारी है।</h2>
<h2>इस राष्ट्रीय बैठक में IFWJ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवधेश भार्गव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मौ. गुलबहार गौरी तथा राष्ट्रीय महासचिव इरशाद खान की विशेष उपस्थिति रहेगी। इनके अलावा विभिन्न राज्यों के पदाधिकारी, कार्यसमिति सदस्य और राष्ट्रीय पार्षद भी अनिवार्य रूप से बैठक में हिस्सा लेंगे। संगठन के स्तर पर यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि इसमें पत्रकारों के अधिकार, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों पर ठोस निर्णय लिए जाने हैं।</h2>
<h2>उत्तराखंड से भी इस बैठक में 10 पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। इनमें IFWJ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मौ. गुलबहार गौरी के साथ सुनील थपलियाल, सुलोचना पयाल, मीना नेगी, भगवती प्रसाद रतूड़ी, उपेंद्र सिंह असवाल, देवेंद्र सिंह रावत, शेखर सिंह रावत, दीपक खंकरियाल और संदीप कुमार आर्य शामिल हैं। यह टीम राज्य के पत्रकारों की समस्याओं और सुझावों को राष्ट्रीय मंच पर मजबूती से रखने की तैयारी में है।</h2>
<h2>बैठक की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए मध्यप्रदेश IFWJ के प्रांताध्यक्ष उपेंद्र गौतम और प्रदेश महासचिव रामगोपाल बंसल 18 मार्च 2026 को शहडोल पहुँच रहे हैं। आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं, आवास, भोजन और बैठक के एजेंडे को लेकर अंतिम रणनीति इसी दौरान तय की जाएगी। आयोजकों के अनुसार, इस बार की बैठक को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।</h2>
<h2>कार्यसमिति बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे जाएंगे, जो पत्रकारों के हितों के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं। इनमें सबसे प्रमुख प्रस्ताव केन्द्र सरकार से मीडिया काउंसिल के गठन की मांग का है, ताकि पत्रकारिता से जुड़े मामलों की सुनवाई और नियमन के लिए एक सशक्त मंच तैयार हो सके। इसके अलावा, देशभर के श्रमजीवी पत्रकारों द्वारा प्रकाशित साप्ताहिक, मासिक और त्रैमासिक पत्र-पत्रिकाओं को आर्थिक मजबूती देने के लिए केन्द्र और राज्य सरकारों से प्रतिवर्ष कम से कम दो लाख रुपये के विज्ञापन देने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा।</h2>
<h2>एक अन्य अहम प्रस्ताव पत्रकार सुरक्षा कानून को और कड़ा बनाने से जुड़ा है। इसके तहत पत्रकारों के खिलाफ होने वाले हमलों को गैर-जमानती अपराध घोषित करने और ऐसे मामलों में एक वर्ष तक न्यायालय द्वारा जमानत न देने का प्रावधान लागू करने की मांग की जाएगी। इस प्रस्ताव को पत्रकारों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि देश के कई हिस्सों में पत्रकारों पर हमलों की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं।</h2>
<h2>राज्य सरकारों ने पत्रकारों के मान्यता/ अधिमान्यता के लिए शैक्षणिक योग्यता स्नातक रखीं जब कुछ राज्यों मे 2000 से पहले पत्रकारिता कर रहे पत्रकारों के लिए इसे हाईस्कूल रखा गया है इसमे IFWJ प्रस्ताव लायेगा कि 2010 से पहले पत्रकारों के लिए शैक्षणिक योग्यता हाईस्कूल मानी जाए</h2>
<h2>इस अधिवेशन में उत्तराखंड, नई दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, नागालैंड, केरल, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और असम सहित देश के विभिन्न राज्यों से पत्रकार प्रतिनिधि भाग लेंगे। इस विविध भागीदारी से यह बैठक राष्ट्रीय स्तर पर पत्रकारिता के मुद्दों पर व्यापक सहमति और रणनीति बनाने का एक मजबूत मंच साबित होगी।</h2>
<h2>कुल मिलाकर, अमरकंटक में होने वाली IFWJ की 144वीं राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक न केवल संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पत्रकारों के अधिकारों, सुरक्षा और आर्थिक मजबूती की दिशा में बड़े फैसलों की आधारशिला भी रख सकती है। देशभर के पत्रकारों की नजरें इस बैठक पर टिकी हैं, जहाँ से आने वाले निर्णय भविष्य की पत्रकारिता को नई दिशा दे सकते हैं।</h2>
<p>The post <a href="https://indianfederationofworkingjournalists.org/2026/03/17/%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-ifwj-%e0%a4%95%e0%a5%80-144%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f/">अमरकंटक में IFWJ की 144वीं राष्ट्रीय बैठक, देशभर के पत्रकार होंगे शामिल</a> appeared first on <a href="https://indianfederationofworkingjournalists.org">Indian Federation of Working Journalist.</a>.</p>
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		<title>सत्ता के दोहरे मापदंड बेनक़ाब: नेताओं को सुविधाएँ, आम बुजुर्ग को बेबसी</title>
		<link>https://indianfederationofworkingjournalists.org/2025/12/28/%e0%a4%b8%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%a6%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%ac%e0%a5%87%e0%a4%a8/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Indian Federation of Working Journalist]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Dec 2025 20:05:16 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[नई दिल्ली]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सत्ता के दोहरे मापदंड बेनक़ाब: नेताओं को सुविधाएँ, आम बुजुर्ग को बेबसी क्या भारत में बुजुर्ग होना जुर्म है,IFWJ अध्यक्ष अवधेश भार्गव व उपाध्यक्ष मौ. गुलबहार गौरी का सरकार पर करारा प्रहार बुजुर्गों की अनदेखी पर IFWJ का आक्रोश, सरकार से ठोस और इंसाफ़पसंद नीति की मांग रिपोर्ट-मौ. गुलबहार गौरी नई दिल्ली-( 28 दिसंबर 25 ) इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग &#8230; </p>
<p>The post <a href="https://indianfederationofworkingjournalists.org/2025/12/28/%e0%a4%b8%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%a6%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%ac%e0%a5%87%e0%a4%a8/">सत्ता के दोहरे मापदंड बेनक़ाब: नेताओं को सुविधाएँ, आम बुजुर्ग को बेबसी</a> appeared first on <a href="https://indianfederationofworkingjournalists.org">Indian Federation of Working Journalist.</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h1><span style="color: #ff0000;">सत्ता के दोहरे मापदंड बेनक़ाब: नेताओं को सुविधाएँ, आम बुजुर्ग को बेबसी</span></h1>
<h1><span style="color: #000080;">क्या भारत में बुजुर्ग होना जुर्म है,IFWJ अध्यक्ष अवधेश भार्गव व उपाध्यक्ष मौ. गुलबहार गौरी का सरकार पर करारा प्रहार</span></h1>
<h1><span style="color: #ff0000;">बुजुर्गों की अनदेखी पर IFWJ का आक्रोश, सरकार से ठोस और इंसाफ़पसंद नीति की मांग</span></h1>
<h2>रिपोर्ट-मौ. गुलबहार गौरी</h2>
<h2>नई दिल्ली-( 28 दिसंबर 25 ) इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (IFWJ) नई दिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवधेश भार्गव व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मौ. गुलबहार गौरी का बुजुर्गों को लेकर तीखा बयान, सरकार से ठोस और संवेदनशील नीति की मांग</h2>
<h2>नई दिल्ली।<br />
इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (IFWJ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवधेश भार्गव और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मौ. गुलबहार गौरी ने देश में बुजुर्गों की लगातार बिगड़ती हालत पर गहरी चिंता जाहिर करते हुए सरकार की नीतियों पर सख़्त सवाल खड़े किए हैं। दोनों वरिष्ठ पत्रकारों का कहना है कि जिन बुजुर्गों ने अपनी पूरी ज़िंदगी देश और समाज की तामीर में गुज़ार दी, आज वही लोग हाशिए पर धकेल दिए गए हैं। यह हालात न सिर्फ अफ़सोसनाक हैं, बल्कि सरकार की संवेदनहीनता को भी उजागर करते हैं।</h2>
<h2>राष्ट्रीय अध्यक्ष अवधेश भार्गव ने तल्ख़ लहजे में कहा कि “अगर सरकार 65 साल से ज़्यादा उम्र के नागरिकों की सुध लेने को तैयार नहीं है, तो फिर यह मान लेना चाहिए कि भारत में बुजुर्ग होना ही अपराध बना दिया गया है।” उनका कहना था कि यह बयान किसी सनसनी या विवाद के लिए नहीं, बल्कि उन करोड़ों बुजुर्गों की दर्दनाक हकीकत को सामने लाने की कोशिश है, जिनकी आवाज़ अक्सर सत्ता के गलियारों तक पहुंच ही नहीं पाती।</h2>
<h2>अवधेश भार्गव ने सवाल उठाया कि “क्या 70 साल के बाद इंसान की ज़रूरतें खत्म हो जाती हैं?” मेडिकल इंश्योरेंस कंपनियां 70 वर्ष की उम्र पार करते ही बुजुर्गों को बीमा देने से इनकार कर देती हैं। बैंक EMI पर लोन नहीं देते, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में तरह-तरह की अड़चनें खड़ी कर दी जाती हैं और निजी व सरकारी संस्थानों में काम के तमाम रास्ते बंद कर दिए जाते हैं। नतीजतन बुजुर्ग आर्थिक रूप से कमजोर होकर दूसरों पर निर्भर होने को मजबूर हो जाते हैं।</h2>
<h2>IFWJ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मौ. गुलबहार गौरी ने कहा कि बुजुर्गों के साथ यह रवैया एक तरह से सामाजिक अन्याय है। उन्होंने कहा, “रिटायरमेंट की उम्र तक यानी 60–65 साल तक एक आम नागरिक पूरी ईमानदारी से टैक्स देता है, बीमा प्रीमियम भरता है और देश की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करता है। मगर रिटायर होते ही वही इंसान सरकार और सिस्टम के लिए बोझ मान लिया जाता है।” उन्होंने अफ़सोस जताया कि बुजुर्गों को मिलने वाली मामूली पेंशन भी इनकम टैक्स के दायरे में ला दी जाती है, जो उनकी मुश्किलों को और बढ़ा देती है।</h2>
<h2>दोनों वरिष्ठ पत्रकारों ने सरकार की नीतियों में दोहरे मापदंड पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि राजनीति में बुजुर्ग नेताओं को विधायक, सांसद या मंत्री बनने पर तमाम सुविधाएं मिलती हैं—भारी वेतन, आजीवन पेंशन, सरकारी गाड़ियां, बंगले और सुरक्षा। मगर आम नागरिक, जिसने अपनी पूरी ज़िंदगी मेहनत और ईमानदारी से गुज़ारी, उसके लिए ऐसी कोई ठोस व्यवस्था क्यों नहीं?</h2>
<h2>अवधेश भार्गव ने चेतावनी भरे अंदाज़ में कहा कि बुजुर्गों को कमज़ोर समझना सरकार की बहुत बड़ी भूल हो सकती है। उनके पास अनुभव है, समझ है और लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताक़त—मतदान का अधिकार है। अगर देश के बुजुर्ग एकजुट होकर चुनाव में सरकार के खिलाफ खड़े हो गए, तो उसके असर को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। “बुजुर्गों को सरकार बदलने का ज़िंदगी भर का तजुर्बा है, उन्हें नज़रअंदाज़ करना सरकार को भारी पड़ सकता है,” उन्होंने कहा।</h2>
<h2>रेल और हवाई यात्रा में बुजुर्गों को मिलने वाली छूट खत्म किए जाने पर भी IFWJ के पदाधिकारियों ने गहरी नाराज़गी जताई। पहले ट्रेन और विमान यात्रा में 40 से 50 प्रतिशत तक की छूट बुजुर्गों के लिए बड़ी राहत हुआ करती थी, जिससे वे इलाज या पारिवारिक ज़रूरतों के लिए सफर कर पाते थे। अब यह सुविधा बंद हो जाने से बुजुर्गों की परेशानियां कई गुना बढ़ गई हैं।</h2>
<h2>IFWJ की ओर से सरकार के सामने बुजुर्गों के हित में पाँच अहम मांगें रखी गईं—<br />
1. 60 वर्ष से अधिक उम्र के सभी नागरिकों को पेंशन दी जाए, ताकि वे सम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ जीवन बिता सकें।<br />
2. पेंशन की राशि व्यक्ति की सामाजिक और आर्थिक स्थिति के अनुसार तय की जाए, न कि सबके लिए एक जैसी और नाकाफी।<br />
3. ट्रेन, बस और हवाई यात्रा में बुजुर्गों को विशेष छूट दी जाए, जिससे इलाज और ज़रूरी सफर आसान हो सके।<br />
4. आख़िरी सांस तक सभी बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य बीमा अनिवार्य किया जाए, और उसका प्रीमियम सरकार वहन करे।<br />
5. बुजुर्ग नागरिकों से जुड़े कोर्ट मामलों को प्राथमिकता पर निपटाया जाए, ताकि वे सालों तक न्याय के इंतज़ार में न रहें।<br />
6. अकेले रह रहे बुजुर्गों के लिए स्थानीय पुलिस की निगरानी ज़रूरी, विदेश में रहने वाले बच्चों के माता-पिता को प्राथमिक सुरक्षा श्रेणी में शामिल किया जाए।</h2>
<h2>अंत में IFWJ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने साफ़ कहा कि बुजुर्ग किसी समाज पर बोझ नहीं होते, बल्कि वही उसकी बुनियाद होते हैं। अगर बुनियाद को ही कमज़ोर कर दिया जाए, तो इमारत कैसे कायम रहेगी? सरकार को चाहिए कि वह कल्याणकारी योजनाओं में बुजुर्गों को भी उतनी ही अहमियत दे, जितनी अन्य वर्गों को दी जाती है। बुजुर्गों का सम्मान ही किसी सभ्य, संवेदनशील और इंसानियत से भरे समाज की असली पहचान है।</h2>
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		<title>Kovlam Summit 4/2025</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Indian Federation of Working Journalist]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 26 Apr 2025 12:29:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
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